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Wednesday, December 18, 2024

भारत, पाकिस्तान व चीन

भारत, पाकिस्तान व चीन

 पाकिस्तान का मूलांक 5 जबकि चीन का 1 है जबकि पाक का लग्न मेष जबकि चीन का तुला  है । भारत के जन्मांक 6 व गणतंत्रांक 8 का 5 मित्र जबकि 1 त्रु है, साथ ही पाक का लग्न मेष  भारत के लिए 12 बनाम व्यय भाव जबकि चीन का लग्न तुला भारत का 6 बनाम रोग, रिपु, त्रु भाव है' साथ ही चतुर्थ के चतुर्थ बनाम भूमि के भूमि का व्यय भाव है । यही कारण है कि चीन भारत के लिए सबसे बड़ी समस्या है । 

भारत को चाहिए कि चतुर्थ स्थान बनाम भूस्थान का ध्यान रखते हुए एक ऐसे लग्न में जम्मू- कश्मीर को पुनः स्थापित किया जाए जो कि भूमि अर्थात् चतुर्थ स्थान के लग्न का रिपु, मृत्यु, व्यय आदि स्थान बनाम लग्न न हो और न ही भारत की लग्न कंुडली का रिपु, मृत्यु, व्यय आदि स्थान हो । इस प्रकार चतुर्थ से षष्ठ नवम भाव मकर, चतुर्थ से अष्टम भाव मीन, चतुर्थ से व्यय भाव कर्क लग्न में ऐसा नहीं होना चाहिए । इसी प्रकार भारत के लग्न वृष से षष्ठ तुला, अष्टम धनु, व्यय मेष लग्न में भी ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए ।

भारत के लग्न वृष, भूमि स्थान सिंह, भूमि स्थान का धन स्थान पंचम कन्या, चतुर्थ का चतुर्थ बनाम भूमि का भूमि स्थान  वृश्चिक , चतुर्थ का सप्तम साझेदार स्थान बनाम भारत का कीर्ति स्थान कुम्भ लग्न इसके लिए अतिशुभ हैं । भारत का मूलांक 6 या भारत के संविधान का मूलांक 8 इसके लिए सर्वोतम रहेगा । इस प्रकार भारत की समस्या का समाधान हो जाएगा और जम्मू-कश्मीर जो कि भारत का अभिन्न अंग है सदा के लिए समस्या व विकारमुक्त हो जाएगा ।

ज्योतिष के अनुसार लग्न की शुभ स्थिति से ही अधिकांश हल हो जाएगा । यद्यपि दशा का ध्यान भी रखना होगा । लग्न, लग्नेश, लग्न नक्षत्र, लग्न उपनक्षत्र, लग्न उपनक्षत्र का नक्षत्र, लग्न उपनक्षत्र का उपनक्षत्र यदि स्वगृही या उच्च ग्रह हो तथा साथ ही वह लग्न और भाव से लग्न, दम, एकाद जैसे शुभ स्थानों में ही स्थित हो, अथवा कम-से-कम 6: बनाम रोग, रिपु, त्रु , 8: मृत्यु, 12: व्यय स्थान या भाव से संयुक्त न हों व परस्पर त्रु भाव व दृष्टि से परे हो तो और भी अच्छा, ऐसे योग में ऐसे लग्न में कार्य करने में उस कार्य को शुभत्व प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकते । साथ में दशा का विचार करना आवश्यक है क्योंकि इससे आरंभ से ही शुभ फल मिलने लगेंगे ।

भारत और पाकिस्तान मैं इतना विवाद क्यों है :-

लग्न

भारत का लग्न वृष और पाकिस्तान का लग्न मेष है । वृष का व्यय भाव मेष होता है तथा मेष का धन भाव वृष होता है । भारत का  लग्न वृष पाकिस्तान के लग्न मेष का धन भाव है तथा पाकिस्तान का लग्न मेष भारत के लग्न का व्यय भाव है ।

राशि

भारत की राशि कर्क और पाकिस्तान की राशि मिथुन है । भारत की राशि कर्क पाकिस्तान की राशि मिथुन  का  धन भाव तो पाकिस्तान की राशि मिथुन भारत की राशि कर्क का व्यय भाव है ।

अंक विज्ञान

अंक विज्ञान के अनुसार पाकस्तान से पाकिस्तान नाम करने से पाक का मूलांक ५ से ६ हो गया जो भारत का जन्माँक मुलाँक है । इस तरह भारत इसपर हावी रहेगा या होगा । ऐसी ही स्थिति भारत और चीन के बीच भी है, भारत का मूलांक ६ है तथा चीन का चाइना शब्द ६ मुलाँक से बना है । इस तरह भारत के लिए यह अनुकूल ग्रह स्थिति है; इस ग्रहीय स्थिति के कारण भारत चीन पर हावी रहेगा अथवा चीन भारत का समर्थन करेगा । अगर चीन समर्थन नहीं भी करता है फिर भी भारत हावी रहेगा ।

स्वर अंक विशेष

एक और रोमांचक तथ्य यह है, स्वर अंक से भारत और पाकिस्तान समान हैँ मगर चीन बलवान है । इसलिए भारत जबतक भारत के नाम से पुकारा जाता रहा चीन का दबदबा अचानक बढ़ा और उसने भारत का तिब्बत हड़प लिया; स्वर विज्ञान से तिब्बत भी चीन से स्वरांक में ऋणी है इसलिए वो उसका गुलाम बन गया ।

मगर स्वरांक पुकारू नाम पर अधिक प्रभावी होता है । मसालान किसी का सर्टिफिकेट नाम कुछ भी हो मगर जिस नाम से सम्बोधित करते उसकी तंद्रा उसे सबसे पहले सचेत करे अथवा जिस नाम से अधिक स्वयं में सक्रिय हो उस नाम का प्रथम अक्षर ही स्वरांक प्रधान होता है ।

भारत कालांतर में इंडिया के नाम से प्रचलित व सम्बोधित हुआ और हो रहा है, इस नाम अनुसार चीन और पाकिस्तान दोनो ही भारत के ऋणी हैँ । स्वरांक विधि अनुसार दोनो अधिकतम पॉइंट के साथ ऋणी हैँ । इसलिए समय के अनुसार भारत बनाम इंडिया ने तिब्बत घटना के बाद भी चीन के मुक़ाबले अनुपातिक रूप से अतिश्य वृद्धि कर ली है तथा पहले के मुक़ाबले कमजोर स्थिति से सबल हो सीधे स्थिति में खड़ा हो गया है ।

स्वरांक विधि वस्तुतः उच्चारण आधारित पद्धति है । अतः किसी के अल्फाबेट  के प्रथम अक्षर की जगह उसके उचारारन् में आ रहे अक्षर को प्रधानता दी जाती है । मसलन : स्कूल को सकूल पढ़ते हैँ मगर इसकूल बोलते हैँ, उच्चारण चुंकि इसकूल है अतः स्वर विज्ञान में इसकूल अनुसार ही गन्ना होगी । स्कूल के स की जगह इसकूल के ई को प्रथम अक्षर के रूप में लेकर गन्ना की जाएगी । 

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