कुंडली : जन सुराज नवमांश
Kingmaker ? Prashant kishore @ election 25*
प्रशांत किशोर की कुंडली के अनुसार इनको अधिक सीटें नहीं मिल रही हैँ, मगर वोट प्रतिशत में इनकी स्थिति बेहतर है ।
इनके कैंडिडेट जहां भी उतरेंगे इनका वोट अन्य की मेजोरिटी को निश्चित रूप में प्रभावित करेगा ।
उस स्थान के अन्य पार्टी प्रतिद्वंदियों के बीच कांटे की टक्कर होगी । उनके बीच वोट का मार्जिन कम या बहुत कम होगा ।
कुछ या कुछेक मामलों में इनको सीधा लाभ मिलता भी दिख रहा है । अर्थात कुछ स्थाओं पर यह उलट-पलट करते भी नजर आ रहे हैँ ।
इसका अर्थ यह हुआ कि इनको कुछ सीटें मिलने की पुरी संभावना है ।
हांलाकि सीट की संख्या अधिक नहीं होगी ।
कुछ सीट अवश्य मिलेगी । कुछ स्थानों पर कांटे की टक्कर होगी । कुछ स्थानों पर स्वयं भले ना जीतें मगर दूसरे की हार का कारण बनेंगे । ऐसे तो कोई भी अन्य पक्ष ही जीतता है मगर कहने का अर्थ यह हुआ की किसी की सरल जीत को कठिन तो किसी की निश्चित जीत को हार का मुख दिखाएंगे । भले उन स्थानों पर स्वयं ना जीतें ।
साथ ही कुछ स्थानों पर इनको इसका लाभ स्वयं की भी कुछ स्थानों पर जीत का मिलेगा ।
और यह जीत सीट के रूप में भी हासिल होगी ।
उपरोक्त तमाम बातें उनकी संख्यात्मक, प्रतिशत तथा सीट तीनों आधार के लिए कही गई हैँ ।
तथापि
सीट के अपने मायने हैँ !
लोग केवल खिलाड़ी का अच्छा खेल ही नहीं देखना चाहते, उसका स्कोरबोर्ड भी चलता हुआ देखना चाहते हैँ ।
तो उस आधार पर कहा जा सकता है कि स्कोर बनेगा और सीट हासिल होंगी ।
खेल की भाषा में भले कोई रिकॉर्ड बनाएं ना बनाएं, मगर अपनी छोटी-सी पारी को भी महत्वपूर्ण सिद्ध करेंगे ।
इनका खेल स्कोर के लिए नहीं अपनी पारी और खेल के लिए प्रदर्शन के लिए जाना जाएगा ।
इनकी छोटी-सी पारी तमाम प्रतिद्वंदियों के माथे पर सिकन लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी । ऐसा ग्रह कहते हैँ ।
संक्षेप में प्रशांत किशोर या इनकी पार्टी हारे या जीते प्रशांत किशोर बाजी जीतेंगे । बाजी जीतने का अर्थ अपनी छाप छोड़ना है ! सत्तपाक्ष और विपक्ष के दो धुर प्रतिद्वंदियों के रहते एक नये प्रत्याशी के रूप में चुनाव पूर्व ही पहचान बनाना कम बड़ी बात नहीं है । अभी चुनाव शुरु भी नहीं हुए हैँ और प्रशांत किशोर का नाम कौन नहीं जानता ! इस नजरिए से देखें तो प्रशांत किशोर चुनाव पूर्व ही बाजी जीत चुके हैँ । भले चुनाव का परिणाम कुछ भी हो । इसके बाद बाकी सब आकड़ों की बातें हैँ ।
इनको जो भी वोट प्राप्त होंगे, उसमे युवा, महिला और कामगार श्रमिक वर्ग की संख्या अधिक होगी ।
तथा अच्छे प्रदर्शन, संख्या और सीट मिलने का स्थान नदी, वन, पुरातत्त्व प्रधान स्थान होगा ।
अगर इनके प्रभाव से मुख्य दोनो अलाायंस को कम सीट आई तो प्रशांत किशोर सरकार को बाहर् से समर्थन दे सकते हैँ । अपनी शर्तों पर ! प्रशांत किशोर आनेवाले समय में किंगमेकर की भूमिका निभाएं तो भी कोई आश्चर्य नहीं !
भविष्य क्या है भविष्य बताएगा !



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