भारत की महादशा चंद्र से मंगल महादशा में मई 2025 से 22 जुलाई 2025 के बीच/तक मैं विविध पंचांग अनुसार प्रवेश कर चुकी है या प्रवेश करने जा रही है ।
कुछ पंचांग के अनुसार मई 2025 में ही हो गई तो कुछ इसके बाद की विविध तिथियों को विविध अन्य पंचांग के अनुसार मान रहे हैँ ।
अगर भारत के वर्तमान घटनाक्रम को देखा जाए तो 22 जुलाई 2025 से मंगल महादशा आरम्भ होने जा रही है ।
वर्तमान दशा चंद्र में सूर्य की है : दोनो राजसी ग्रह तृतीय पराक्रम भाव में साथ स्थित हैँ, चन्द्रमा जल प्रतिनिधि बनाम वाटर प्लैनेट ग्रह है । सूर्य और चंद्र कभी वक्री नही होते अतः यह स्ट्रैट फॉरवर्ड हैँ । इसलिए भारत ने सिर्फ सीधा वार ही नहीं किया बल्कि वाटर स्ट्राइक द्वारा भी हमला किया ।
सूर्य, चंद्र राजसी ग्रह हैँ तथा दोनो वाहनकारक शुक्र के साथ संयुक्त बैठे हैँ । सूर्य स्वयं कुंडली में चतुर्थेश बनाम वाहनेश भी हैँ । इसमे भी इन दोनो सूर्य, चंद्र की परस्पर राजसी दशा चल रही है इसलिए इस समय राजसी वाहन वायुयान, हेलीकाप्टर सम्बन्धी दुर्घटनायें अथवा गड़बड़ी अधिक होगी । अन्य वाहन दुर्घटना भी अतिरिक्त होंगी ।
इससे चंद्र मैं सूर्य की दशा गतिमान है स्पस्ट होता है । 22 जुलाई 2025 से मंगल में मंगल की दशा आरम्भ होगी ।
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